Tuesday, 6 June 2017

शेर

जो पूरे हो जाएं उसे ख्वाब नही कहते
हर तारे को आफताब नही कहते

तुम्हारे चेहरे पर गिरे गेसुओं की कसम
हर उजाले को महताब नहीं कहते

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