नेता जी
यह शब्द है सम्मान का
किसी के अहंकार का
ग़रीबों के अंधकार का
महिलाओं से व्यभिचार का
यह शब्द है तिरस्कार का
बद-दुआओं के भंडार का
दंभ के संसार का
पाखंड के दरबार का
यह शब्द है दरबार का
चापलूसों के सरताज का
चोरों के घर-बार का
निरंकुश के अवतार का
मार्तंड
जय हिन्द
