Sunday, 27 November 2022

तुम याद आने लगे

 फूल खिलने लगे भँवरें मुस्कुराने लगे

हवाओं ने अधरों को ज्यूँ छुआ तुम याद आने लगे


मेघों ने छलकाया आंसू  दिल पिघलने लगा 

एक अजीब सा नशा छाया फिर उतरने लगा…