मार्तण्ड की कलम से
Thursday, 20 October 2016
दम
बड़ी गर्दिशों में काटे हैं हमने पिछले कई साल
आज काल सितारे भी मेरा हाल लिया करते हैं ।
बडे नाज से इतराता रहा कल चाँद मेरी हवेली पर
कैसे बताएं 'मार्तण्ड' यहाँ दरबार किया करते हैं ।।
मार्तण्ड
आशमान के ऊपर सितारों से ये पैगाम आने आने लगे हैं
घर की ड्योढ़ी जरा ऊँची रखना आज कल मेरे घर में फरिस्ते भी आने जाने लगे हैं
बड़ी गर्दिशों में काटे हैं हमने पिछले कई साल
आज काल चाँद सितारे भी दरबार किया करते हैं
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